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Showing posts from July, 2015

दक्षिण मुखी प्लाट व् वास्तु - south facing plot vastu

दक्षिण मुखी प्लाट को ज्योतिष व् वास्तु शास्त्र अशुभ माना  जाता है, जबकि असलियत में ऐसा कुछ नहीं है ये  केवल भ्रांति है. कुछ लोग दक्षिणमुखी प्लाट लेने  डरते है यहाँ  तक की बिल्डर्स भी दक्षिण मुखी प्लॉट्स के कम दाम लगाते है. हम आपको बता दे की दक्षिण मुखी मकान कोई तरह का दोष या अशुभ नही होता। south facing plot vastu myth अन्य दिशाओ के अलावा  दक्षिण मुखी प्लाट का निर्माण करवाते समय हमें कुछ सावधानियां अधिक रखनी पड़ती है.क्युंकि दक्षिण मुखी प्लाट पर थोड़ा सा गलत निर्माण का खामियाज़ा हमें भुगतना पड़ सकता है. आइये हम बताते है क्या हो सकते वे दोष vastu tips for south facing plot in hindi यदि आप दक्षिण मुखी प्लाट का निर्माण करवा रहे है तो मैं गेट भूलकर भी दक्षिण-पश्चिम कोने में ना बनवाये,  किसी भी कारण से बोरिंग और सीवेज दक्षिण-पश्चिम में ना करवाए, दक्षिण-पूर्व ले. कुछ मकान आगे से खुले व् पीछे से बने होते है, दक्षिण मुखी प्लाट में ऐसा निर्माण न करे .  दक्षिणमुखी प्लाट का निर्माण हमेशा सड़क से ऊपर ही करें  ऐसे प्लाट में फ्लोर का ढलान एक सामान होने चाहिए अगर फ्लोर का ढलान दक्षिण की तरफ है तो परेशानी न

लाल किताब में चन्द्रमा - moon in lal kitab

lal kitab me chandrma  लाल किताब में खाना नम्बर चार को चन्द्रमा का घर कहा गया है (The fourth house is considered the house of Moon in Lal Kitab).चन्द्रमा सूर्य और बुध, मंगल, गुरू, के साथ मित्रपूर्ण सम्बन्ध रखता है. शुक्र, शनि एवं राहु के साथ चन्द्रमा शत्रुता रखता है.केतु के साथ यह समभाव रखता है. मिथुन और कर्क राशि में यह उच्च होता है एवं वृश्चिक में नीच.सोमवार चन्द्रमा का दिन होता है.लाल किताब के टेवे में 1, 2, 3, 4, 5, 7 एवं 9 नम्बर खाने में चन्द्रमा श्रेष्ठ (Moon is exalted) होता है जबकि 6,7, 10, 11 एवं 12 नम्बर खाने में मंदा होता है. उच्च राशि के साथ सप्तम खाने में चन्द्रमा होने से धन एवं जीवन के सम्बन्ध में उत्तम फल मिलता है.कुण्डली में चतुर्थ भाव यानी चन्द्र का पक्का घर अगर खाली हो और इस पर उच्च ग्रहों की दृष्टि भी न हो और अन्य ग्रह अशुभ स्थिति में हों तब भी चन्द्रमा व्यक्ति को अशुभ स्थितियों से बचाता और शुभता प्रदान करता है. लाल किताब के सिद्धान्त के अनुसार जब चन्द्रमा पर शुक्र, बुध, शनि, राहु केतु की दृष्टि होती है तो मंदा फल होता है (When Venus, Mercury, Saturn, Rahu or Ketu as

मिसाइल मेन अब्दुल कलाम की जन्मकुंडली

नाम :  ए पी जे अब्दुल कलाम  जन्मदिन :  Thursday, October 15, 1931 जन्म समय :  01:15:00 जन्म स्थान :  Rameswaram Longitude:  79 E 17 Latitude:  9 N 17 Time Zone:  5.5 कुंडली व्याख्या  लगन - कर्क  राशि  - वृश्चिक  कर्क लगन और लगन में गुरु इन्हे एक शांत और बुद्धिमान व्यक्ति बनाता है. लगन में कर्क राशि का गुरु हंस योग का निर्माण करता है जो मान -सम्मान दिलवाता है  लगन का स्वामी चन्द्र पांचवे भाव में स्थित है जो उच्च शिक्षा दिलवाता है. पांचवे भाव का स्वामी सूर्य, केतु के साथ होने की वजह से सुंदरता में कमी करता है लेकिन बुध भी साथ होने से बुद्धि  अति तीव्र बना देता है. बुध अपनी राशि में ही स्थित है जीके कारण इन्हे आगे बढ़ने के लिए किसी की जरूरत नही पड़ती।  चौथे भाव मंगल+शुक्र का नीच योग है जो घर के सुख में कमी देता है हालाँकि दोनों ग्रह केंद्र के स्वामी भी है जिसका  फायदा भी इन्हे मिला।  छठे भाव में बैठ शनि जो की आठवे भाव का स्वामी बनता है और 8 और 12 घर खाली है इस कारण उच्च प्रभाव देगा। यही योग इन्हे अपने कार्यक्षत्र में बुलंदी दिलवाता है. वही राहु, बृहस्पति के घर व् बृहस्पति की राशि में बैठा ह

सूर्य ग्रह से सम्बंधित चीज़े - surya se sambandhit cheeze

सूर्य ग्रह देवी - देवता  =  विष्णु, सूर्य  वर्ण  =  क्षत्रिय, गुण = बहादुर, आग, गुस्सा, बुद्धि, विद्या, सम्पूर्ण शरीर, आयु surya grah se relates items  metal - धातु = माणिक, ताम्बा, शिलाजीत  body parts related with sun - शरीर के अंग = सम्पूर्ण शरीर , दायीं आँख, दायाँ हिस्सा, हड्डियाँ  dress - पोशाक  = सेहरा, कलगी  animals - पशु = बन्दर,पहाड़ी गाय, काली गाय  tress - पेड़ = तेजफल, लौंग, जायफल, इलायची, जड़ी-बूटी, अनाज = बाजरा, गुड  color रंग = नारंगी, केसरिया, भूरा  place - निवास = सम्पूर्ण शरीर 

अच्छी नींद के लिए वास्तु - vastu for sound sleep

शांत और गहरी नींद किसे पसंद नही होगी. आजकल एक नयी समस्या सामने आ रही है "नींद". काफी लोगो  को रात को नींद न आने का समस्या का सामना करना पड़ता है।  इसका एक कारण वास्तु दोष (vastu defect) भी हो सकता है. जानते है कुछ वास्तु टिप्स जिन्हे अपनाकर एक अच्छी नींद मिल सकती है बैडरूम में बेड कभी भी उत्तर-पूर्व की और नही होना चाहिए.  उत्तर की तरफ सर करके नही सोना चाहिए। उत्तर की तरफ सर करके सोने से दिमाग  सम्बन्धी बीमारी हो सकती है.  टीवी को सोने से काम से काम 30 मिनट पहले बंद करदें  बैडरूम में कभी भी भोजन नही करना  चाहिए  हलके नील रंग की बेडशीट उपयोग करे  अगर कमरे में कोई शीशा है तो उसे सोने से पहले कवर करे  एक छोटी पिरामिड प्लेट भी तकिये के नीचे राखी जा सकती है  कभी भी किसी बीम के निचे नही सोना चाहिए ये बहुत खतरनाक होता है  अपने बेडरूम में किसी भी इलेक्ट्रिक उपकरण का उपयोग कम से कम करना चाहिए  अपने बेड के नीचे झाड़ू या जूते - चप्पल नही रखने चाहिए। 

पढ़ा हुआ याद रखने के लिए वास्तु टिप्स

शैक्षिक सफलता अध्ययन कक्ष की बनावट पर भी निर्भर करती है। वास्तु ऊर्जा भवन की आत्मा है, जिसके सहारे भवन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का जीवन संवर उठता है चाहे वह अध्ययन का क्षेत्र हो या कोई अन्य। कुछ बच्चो या बड़ो को भी ये परेशानी रहती है के जो भी वो पड़ते वह अगले दिन भूल जाते है. वास्तु (vastu) में कुछ उपाय व् सावधानिया बताई गयी है जिन्हे अपनाकर आपको याद रखने में आसानी होगी पढ़ा  हुआ याद रखने के  लिए वास्तु टिप्स ( vastu tips for memory in hindi) click here to read in english - vastu tips for memory पड़ते वक़्त मुख पूर्व या उत्तर की और करे  अपनी टेबल पर एक पिरामिड यन्त्र (pyramid) रख सकते है  कॉपी - किताब को तरीके से रखे इधर - उधर ने फैलाये  खराब पेन - पेंसिल को हटा दे  हरे या सफ़ेद रंग का टेबल कवर या पिन बोर्ड (pin board) उपयोग करने से फायदा होगा  पड़ते वक़्त किसी टीवी , कंप्यूटर, म्यूजिक सिस्टम से कम से कम 5 फ़ीट दूर रहे इससे इलेक्ट्रो-मेग्नेटिक -रेज़ (EMF's) का प्रभाव कुछ काम होगा  व् पड़ा हुआ याद होग.   अध्ययन कक्ष के पर्दे भी हल्के हरे रंग, विशेषकर हल्के पीले रंग के उत्तम माने जाते हैं

ग्रहो की उच्च राशि व् नीच राशि

कुंडली में हर ग्रह की एक निश्चित उच्च राशि व् एक निश्चित नीच राशि होती जिनमे वह अच्छा या बुरा होता है. उच्च के ग्रह शुभ व् बलवान माने जाते है. ग्रहो का उच्च व् नीच राशि कौन है जानते है. . . सूर्य मेष राशि में उच्च व् तुला राशि में नीच चन्द्र वृष राशि में उच्च व् वृश्चिक राशि में नीच मंगल मकर राशि में उच्च व् कर्क राशि में नीच बुध कन्या राशि में उच्च व् मीन में नीच बृहस्पति कर्क राशि में उच्च व् मकर में नीच शुक्र मीन राशि में उच्च व् कन्या राशि में नीच शनि तुला राशि में उच्च व् मेष राशि में नीच राहु मिथुन राशि में उच्च व् धनु राशि में नीच केतु धनु राशि में उच्च व् मिथुन राशि में नीच जिस घर में ग्रह उच्च हो उसके सांतवे घर में यदि उसका शत्रु ग्रह है तो उच्च फल प्राप्त नही होगा

बृहस्पति से सम्बंधित चीज़े

बृहस्पति से सम्बंधित चीज़े देवी - देवता   =    ब्रह्मा पेशा  - व्यापार   =    ब्राह्मण, पूजा-पाठ , सर्राफ - सोने के सम्बंधित काम , विशेषता =    आध्यात्मिक ज्ञाता गुण  = हवा, आत्मा, साँस, पिता, सुख, शक्ति = साँस लेने के शक्ति धातु  = सोना, पुखराज अंग  = गर्दन पोशाक = पगड़ी पशु  =   शेर, भूरि चींटी, शेरनी, भूरा रीछ वृक्ष - पीपल अनाज =  हल्दी, चने की दाल, केसर रंग =  पीला निवास स्थान = मंदिर, धरम स्थल

लाल किताब के अनुसार भवन निर्माण के कुछ उपाय - lal kitab tips for construcion

लाल किताब में ग्रहों की स्थिति के अनुसार भवन निर्माण के कुछ उपाय बताये गए है जो काफी लाभदायक सिद्ध होते है. ये उपाय कुंडली में बैठे ग्रहो की विशेष स्थिति के अनुसार बताये गए है जानते है क्या है वह  उपाय lal kitab tips for house construction in hindi मकान के मालिक का यदि पांचवे भाव में केतु हो तो मकान लेने से पहले केतु का दान जरूर दें. मकान बनवाते समय जमीन में से चींटी निकले तो उन चींटियों को आटा  व् शक्कर  मिलकर खिलाएं  यदि शनि ख़राब बैठा हो तो गृह निर्माण से पहले गोदान करे.  शनि चौथे घर में हो तो जातक को अपनी पैतृक भूमि पर मककन नही बनाना चाहिए. यदि ऐसा होता है तो परिवार के सभी सदस्यों जिंदगी भर कष्ट उठाने पड़ते है. किसी झूठे मुक़दमे में फंसकर सजा तक हो सकती है.  एक बार मकान बनना चालू हो जाये तो उसे बीच में नही रोकना चाहिए नही तो उसमे राहु का वास होगा।  भवन निर्माण शुरू करने पहले निर्माण करने वाले मजदूरो को मिठाई खिलाये।  कुंडली में ग्यारहवें में शनि हो तो मुख्या द्वार पर चौखट बनाने से पहले उसके नीचे चन्दन दबा दे.  शनि यदि छठे भाव में हो तो घर बनवाने से पहले जमीन पर हवनादि करे और जगह को शु

लाल किताब में ग्रह को अपने मददगार बनाने के लिए कुछ उपाय - lal kitab ke upay

लाल किताब में ग्रह को अपने मददगार बनाने के लिए कुछ उपाय बताये गए है जिन्हे अपना कर इन्हे अपने अनुकूल किया जा सकता है. यदि पुत्र-पुत्री के कारण पिता को कष्ट हो तो पुत्री के गले में ताम्बे का चौरस टुकड़ा बांधे।  संतान बाधा हो तो कुत्ते को रोटी खिलने से संतान बाधा दूर होती है.  शनि की अनिष्टता दूर करने के लिए कौवो को रोटी खिलाए  पापी ग्रहों को मददगार बनाने के लिए उनसे सम्बंधित वस्तु ये प्राणियों को अपने पास रखने या उनके आशीर्वाद से अनुकूलता प्राप्त होती है.  राहु की अनिष्टता केतु के उपायों से व् केतु की अनिष्टता राहु के उपायों से दूर होती है  शुक्र को अनुकूल करने के लिए एक ग्रास गाये के लिए निकाले  गुड की रोटी बनाकर लोगो को खिलाने से मंगल ठीक होता है  बुध, शुक्र और शनि के अशुभ प्रभाव को दूर करने का एक आसान उपाय है, हर रोज भोजन करता समय एक हिस्सा गाये को, एक कुत्ते को और एक हिस्सा कौवे को खिलाएं  राहु अशुभ हो तो किसी घास या अनाज - बाजरा, ज्वार या गेंहू जमीन पर रख कर उन पर वजनी चीज रख दें  मंगल यदि 1, 3, 8 में हो तो मंगल का उपाय न करके बुध का उपाय करें 

वास्तु शास्त्र में कपूर का उपयोग - use of camphor in vastu

कपूर का उल्लेख आयुर्वेद व् अन्य वेदों में भी मिलता है, हिन्दू विधि-विधानों में कपूर का उपयोग सबसे पहले    किया जाता है.  कपूर को संस्कृत में कर्पूर,  फारसी  में काफ़ूर और  अंग्रेजी  में कैंफ़र (camphor) कहते हैं।  आइये जानते है क्या है वास्तु शास्त्र में कपूर के फायदे और कैसे करे इसका उपयोग।  कपूर तीन विभिन्न वर्गों की वनस्पति से प्राप्त होता है। इसीलिए यह तीन प्रकार का होता है : (1) चीनी (Chinese) अथवा जापानी (Japanese)कपूर, (2) भीमसेनी अथवा बरास कपूर, (3) हिंदुस्तानी अथवा पत्रीकपूर। उपर्युक्त तीनों प्रकार के कपूर के अतिरिक्त आजकल संश्लिष्ट (synthesized) कपूर भी तैयार किया जाता है। ये कपूर आयुर्वेद में चिकित्सा में उपयोग होते है लेकिन इसका वास्तु शास्त्र  में भी बहुत महत्वपूर्ण स्थान है. वैदिक वास्तु शास्त्र में कोई भी वास्तु सम्बंधित उपाय करने से पहले कपूर का उपयोग किया जाता है.  कपूर के फायदे (benefit of camphor in vastu shastra) कपूर जलाने से उस स्थान में उपस्थित सभी नकरात्मक ऊर्जा ( विज्ञानं में नकरात्मक गैसे ) को समाप्त कर देता है, इसी इसका उपयोग हवन सामग्री में किया जाता है  देस

लाल किताब में दान सम्बन्धी नियम - daan ke niyam lal kitab mai

लाल किताब में दान सम्बन्धी नियम लाल किताब में दान सम्बन्धी कुछ नियम बताये गए है आइये जानते है क्या है ये नियम  donation rules in lal kitab in hindi जो भी ग्रह कुंडली में उच्च हो उससे सम्बंधित चीज देना और जो ग्रह कुंडली में नीच है उससे सम्बंधित दान लेना गलत परिणाम देगा। यदि शनि आठवें  घर में हो तो ऐसे जातक के लिए धर्मशाला या मुसाफिर लोगो के लिए मुफ्त में आराम करने की जगह बनाना नुकसानदेह होगा। यदि शनि पहले और साथ में बृहस्पति पांच में हो तो ऐसा जातक ताम्बे का पैसा दान दे अचानक बुरे समाचार सुनने को मिलेंगे.  चन्द्र छठे घर में हो तो लोगो के लिए पानी सम्बंधित दान जैसे प्याऊ बनवाना, कुआँ बनवाना आदि बेहद हानिकर सिद्ध होगा। ऐसा करने पर उसका वंश घट  जाएगा।  बृहस्पति दस में हो साथ ही चन्द्र चार में आ जावे तो लोगो के लिए मंदिर, गुरुद्वारा बनवाना फांसी का कारण बन जाता है.  शुक्र यदि नौवे में हो ऐसे में किसी अनाथ व् यतीम बच्चे के पढ़ाई के लिए धन देना व् दवाई के लिए धन देना आर्थिक नुकसान को दावत देने जैसा है.  बृहस्पति सातवें में हो तो जातक का किसी साधु या मंदिर के पुजारी को मुफ्त में कपडे देना आर्थि

विंड चाइम का कैसे करे उपयोग - wind chimes in vastu

विंड चाइम एक पॉपुलर फेंगशुई यन्त्र है. इसे उपयोग में लाने के कई तरीके है. विंड चाइम के द्वारा हम अपने घर में से नकरात्मक ऊर्जा को हटाके अपने घर में पॉजिटिव माहोल बना सकते है. इसके लिए हमें विंड चाइम में लगी हुई रोड की संख्या पर ध्यान देना होता है।  इसे घर के किसी भी हिस्से में नही लगाना चाहिए। इसे घर के उत्तर-पश्चिमी या पश्चिमी दिशा में ही लगाना चाहिए.  विंड चाइम धातु, लकड़ी या सिरेमिक पाइप से बनी होती है। इसमें छोटे-बड़े आकार की घंटियों को इस प्रकार समायोजित किया जाता है कि हवा के झोंके से वह बजने लगती हैं। ध्यान रहे की इसमें लगे पाइप खोखले होने चाहिए जिससे इसमें से नेगेटिव ऊर्जा निकल कर पॉजिटिव जाये। पांच या सात पाइप वाली विंड चाइम नेगेटिव एनर्जी दूर करती है। छह या आठ पाइप वाली विंड चाइम ड्राइंगरूम के उत्तर-पश्चिम में लगाने से पश्चिम दिशा में लगाने से सौभाग्य में वृद्धि होती है.

लाल किताब में बारहवां घर - 12 house in lal kitab

बारहवां घर हमारे दिमाग में चलने वाले विचारों से सम्बन्ध रखता है. ये हमारे घर की रौनक और खुशियों से  सम्बन्ध रखता है यदि ये खराब है तो अछा घर भी वीराना जैसा लगता है. ये घर हमारे खर्चे से सम्बन्ध रखता है इससे ये पता चलता है के हम कंजूस है या खर्चीले। व् हमारा खर्च कब और कहाँ होगा। इस  घर का कारक ग्रह बृहस्पति  है राहु भी इस घर का कारक होता है. इस घर में बुध नीच और शुक्र उच्च फल देता है. जीवन के अंतिम समय को भी ये घर बताता है. ये घर हमारी नींद और आराम से भी सम्बन्ध  रखता है.खराब होने पर नींद नही आती व् अजीब से सपने आते है.ये घर   अच्छा  हो तो किसी अगर आशीर्वाद देते हो तो वह खरा होगा। ये घर खराब होने पर किसी को दिया शाप सच हो जाता  है दिशाओं में देखें तो दक्षिण-पश्चिम दिशा से है हम स्त्री से या स्त्री अपने पति से कितना सुख प्राप्त करेगी ये घर बताता है. शरीर में ये घर सिर और हड्डियों के बारे में बताता है. जानवरों में ये घर मछली, बिल्ली और चमगादड़ से सम्बन्ध रखता है. दूसरे लोगो से हमें इज्ज़त मिलेगी या बदनामी व् पडोसी से हमारे सम्बन्ध कैसे होंगे ये 12 नम्बर घर से ही पता चलता है

लाल किताब में मंदिर जाने पर मनाही - lal kitab me mandir

लाल किताब में मंदिर जाने पर मनाही जन्मकुंडली में दूसरे और बारहवें घर में शुभ ग्रह हो और आठवें और ग्यारहवें घर के ग्रह आपस में दुश्मन हो तो धरम घर में    जाने से व्यक्ति को परेशानी नहीं आती।  यदि जन्मकुंडली (birth chart) में आठवे और बारहवें घर में बैठे ग्रह आपस में शत्रु हो दूसरा  घर खाली हो तो मंदिर या किसी भी धरम घर (religious place) में  जाने से आठवे और बारहवें घर के ग्रह आपस में टकरा जायेंगे जिससे जातक को परेशानी आ सकती है. यदि आठवे घर या बारहवे में बैठे ग्रह आपस में मित्र हो या छठे घर में कोई उत्तम ग्रह हो और दोनों सूरत में दूसरा घर खाली हो तो मंदिर जाना या किसी भी धरम  में जाना बहुत ही अच्छा साबित होता है.

वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पश्चिम ( नैऋत्य कोण) का महत्व- south-west in vastu

वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पश्चिम ( नैऋत्य कोण) सबसे महत्वपूर्ण दिशाओं में से एक है यहाँ तक की कुछ वास्तु  विद (Vaastu experts) इसे ही सबसे जरूरी दिशा मानते है. इसे नैऋत्य कोण से भी जाना जाता है. इस दिशा का स्वामी राहु ग्रह  होता है. अब हम जानते है की क्यों ये जरूरी दिशा है - विज्ञानं (Science) कहता है के समस्त ऊर्जा जो नार्थ-ईस्ट (north-east) से निकलती है वो साउथ-वेस्ट में ही जाकर रुक जाती है या स्थिर (stable) हो जाती है. विज्ञानं के अनुसार इस कोने में सबसे ज्यादा चुम्बकीय ऊर्जा होती है. इसीलिए वास्तु विद इस दिशा में पैसा रखने की सलाह देते है ताकि वो रुक जाये व् इसी कोने में अपने बुजुर्गो को भी कमरा देते है ताकि उन्हें स्थिरता मिले।  vastu shastra के अनुसार यही दिशा जिंदगी में स्थायित्व प्रदान करती है चाहे वो relationships हो या financial matters.  ज्योतिष में इस कोने का स्वामी राहु ग्रह बनता है जो आकस्मिक लाभ व् हानि का कारक होता है इसी लिए कुछ वास्तु विद इस कोने को भारी व् भरा हुआ रखने की सलाह देते है जिससे राहु ग्रह शांत रहे. इसी कोने शौचालय होना पितृ दोष भी माना जाता है. अब जानते ह

बिज़नेस चलाने के लिए क्रिस्टल - crystal for business

वास्तु शास्त्र में बिना तोड़-फोड़ के उपाय का चलन बहुत प्रचलित है. इसमें दो उपायों आयल थेरेपी (aroma oil therapy) और क्रिस्टल थेरैपी (crystal therapy) बहुत ज्यादा प्रचलित है. इस लेख में हम बात करेंगे के बिज़नेस चलाने के लिए कौन सा क्रिस्टल यूज़ किया जाये जिससे बिज़नेस अच्छा चले. crystals for business and profession 1. इसमें पहला क्रिस्टल होगा ग्रीन जेड  (Green jade) , यह हरे रंग का स्टोन आपके बिज़नेस को बढ़ाने में काफी मदद कर सकता है. यह क्रिस्टल हरे रंग का होता है और इसे आप अपने बिज़नेस स्थल पर रख सकते है. यह कई रूप में उपलब्ध होता है इसमें पिरामिड, स्टोन, क्लस्टर, टम्बल स्टोन, पेन्डेन्ट, ब्रेसलेट स्टोन काफी प्रचलित है. यह क्रिस्टल आपकी बिज़नेस आवक या बिज़नेस गतिविधियों को बढ़ता है.  2 दूसरा क्रिस्टल होता सिट्रीन  (Citrine), ये  क्रिस्टल पैसे से सम्बन्ध रखता है. यदि आप इसे बिज़नेस स्थल पर पैसे रखने के बॉक्स में रखते है या अपने स्थल पर स्थापित करते है तो ये पैसे की उपलब्धता बनाये रखता है. ये पीले रंग का होता है.  ये दोने क्रिस्टल वास्तु में काफी ज्यादा लोकप्रिय हैं व् बिना तोड़-फोड़ के असर करने में स

नार्थ-ईस्ट (ईशान कोण) का कटा होना व् उसके उपाय

नार्थ-ईस्ट कट  नार्थ-ईस्ट (ईशान कोण) ये घर का सबसे महत्वपूर्ण दिशा होती है. ये दिशा हमारी तरक्की व् आमदनी से सम्बन्ध रखती है. अगर घर के ईशान कोण में किसी भी तरह का दोष होता है उसका सीधा असर हमारी आमदनी व् हमारी सामाजिक प्रतिष्ठा पर आता है.    कभी कभी घर लेते वक़्त वास्तु का ध्यान नहीं होता। अब यदि आपने कोई ऐसा घर ले लिया जिसका नार्थ-ईस्ट (ईशान कोण ) कटा हुआ है, ऐसा वास्तु दोष बहुत ज्यादा गलत प्रभाव देता है. जिस किसी भी व्यक्ति को वास्तु ज्ञान होता है या घर कोई वास्तु विद ऐसे घर को न लेने की ही सलाह देते हैं. लेकिन किसी दुर्भाग्यवश आपने कोई घर ऐसा ले लिया है या पहले से ही आपके पास है हम आपको कुछ बेहद प्रभावशाली उपाय बताते हैं  1.  यदि आपक नार्थ-ईस्ट खुला हुआ है मतलब वहां कोई दूसरी प्रॉपर्टी नहीं है       ईशान कोण में गेट या खिड़की का निर्माण करें  उत्तर या पूर्व की दीवार पर एक 12 * 24 का शीशा लगाये  इस कोने में नील या लाल रंग का प्रयोग न करें  खिड़की पर एक 30 mm क्रिस्टल बॉल को टांग दें  2. यदि आपके नार्थ-ईस्ट में किसी और की प्रॉपर्टी  है  उत्तर या पूर्व की दीवार पर 18 * 24 का शिशा  लगाये 

वास्तु शास्त्र में कॉपर का महत्व - copper in vastu

कॉपर (तांबा ) को वास्तु शास्त्र में सोने और चांदी के बराबर ही माना  जाता है. कॉपर को वास्तु के अलावा आयुर्वेद में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और इसके गुणों का वर्णन भी किया गया है आइये जानते है इसके कुछ गुणों के बारे में। । use of copper in vastu shastra कॉपर (ताम्बा) और मनुष्य का  तरंग दैर्ध्य   (wave length) एक ही होता है जिस कारण ये नकारात्मक ऊर्जा को सबसे ज्यादा काम करता है.  एक ही  तरंग दैर्ध्य   (wavelength) होने के कारण ज्योतिषी किसी भी यन्त्र का निर्माण ताम्बे के पत्रे पर ही करते थे.  कॉपर को प्रकृति में ऑलीगोडायनेमिक के रूप में ( बैक्‍टीरिया पर धातुओं की स्‍टरलाइज प्रभाव ) जाना जाता है और इसमें रखे पानी के सेवन से बैक्‍टीरिया को आसानी से नष्‍ट किया जा सकता है। इसी कारण से पुराने समय से नदी में ताम्बे का सिक्का डालने का चलन है.  कॉपर की धातु के स्‍पर्श वाला पानी शरीर में थॉयरायड ग्रंथि को नॉर्मल कर देता है और उसकी कार्यप्रणाली को भी नियंत्रित करता है।  आर्युवेद के अनुसार, अगर आप अपने शरीर से toxins  को बाहर निकालना चाहते है तो तांबे के बर्तन में कम से कम 8 घंटे रखा हुआ जल पिएं

लाल किताब के अनुसार संतान योग - lal kitab me santan yog

कुण्डली का पांचवा घर संतान भाव के रूप में विशेष रूप से जाना जाता है (The fifth house of the Lal Kitab stands for progeny). ज्योतिषशास्त्री इसी भाव से गणना करते है के संतान कैसी होगी, एवं माता पिता से उनका किस प्रकार का सम्बन्ध होगा। पांचवे भाव में बैठे स्वामियों के द्वारा पता लगाया जा सकता है के संतान कैसी होगी santan yog in kundli in hindi पांचवें घर में सूर्य (Sun in Fifth House) लाल किताब के नियमानुसार पांचवें घर में सूर्य का अच्छा प्रभाव होने से संतान जब गर्भ में आती है तभी से व्यक्ति को शुभ फल प्राप्त होना शुरू हो जाता है. इनकी संतान जन्म से ही भाग्यवान होती है. यह अपने बच्चों पर जितना खर्च करते हैं उन्हें उतना ही शुभ परिणाम प्राप्त होता है. लेकिन  इस भाव में सूर्य अगर मदा या अशुभ होता है तो माता पिता को बच्चों से सुख नहीं मिल पाता है. वैचारिक मतभेद के कारण बच्चे माता पिता के साथ नहीं रह पाते हैं. पांचवें घर में चन्द्रमा (Moon in fifth house) चन्द्रमा पंचवें घर में संतान का पूर्ण सुख देता है. संतान की शिक्षा अच्छी होती है. व्यक्ति अपने बच्चों के भविष्य के प्रति जागरूक होता है. व्य

शुक्र के उपाय लाल किताब के अनुसार

लाल किताब के अनुसार शुक्र के उपाय (venus remedies as per lal kitab astrology) प्रथम भाव में स्थित शुक्र का उपाय (Remedies of Venus in first house) 1) 25 वर्ष में शादी ना करें. 2) सात प्रकार का अनाज का दान करें. 3) दूसरे की सलाह लेकर काम करें. 4) शादी के समय ससुराल से चाँदी लें. 5) यदि आप पुरुष हे तो कन्या दान करें. 6) यदि आप पुरुष हो तो गाय दान करें. 7) घर के मुखिया ना बने. द्वितीय भाव में स्थित शुक्र के उपाय (Remedies of Venus in second house 1) मिट्टी, कृ्षि, या पशु का व्यबसाय करें . 2) सौफ, शहद, मसूर की दाल, वेसम इत्यादी का सेवन करें. 3) हौजरी, कस्मेटिक का कारोवार करें. 4) व्यभिचार से दूर रहें. तृ्तिय भाव में स्थित शुक्र के उपाय (Remedies of Venus in third house) 1) अपनी पत्नी का सम्मान करें. 2) मामी की सेवा करें. चतुर्थ भाव में स्थित शुक्र के उपाय (Remedies of Venus in fourth house 1) किसी भी प्रकार का नशा न करें. 2) कुएँ में चने की दाल, हल्दी इत्यादी डालें. 3) लेखक, पत्रकारिता, दलाली का कार्य ना करें, तथा पुलिस, सेना में नौकरी करें. 4) अपनी पत्नी से नाम बदलकर दुबारा शादी करें. पंच

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