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Showing posts from June, 2023

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उधार किसे नहीं देना चाहिए - money credit rules of astrology

 नमस्कार दोस्तों  ज्योतिष सूत्र की सीरीज में आज हम बात करते है के कुंडली में उधार पैसा कब वापस नहीं आता और यदि फंस गया है तो कैसे निकलवा सकते है.  दोस्तों कर्ज मुक्ति से संबंधित तो आप बहुत सारे वीडियो देखते होंगे काफी पोस्ट भी  पढ़ी होंगी लेकिन काफी लोग ये प्रश्न करते है के हमने पैसा उधार दिया था वो वापस नहीं आ रहा. चाहे मित्र को दिया या किसी काम धंधे से संबंधित उधार। लेकिन अब फंस गया है तो क्या किया जाए.  मै कोई दूसरे मुद्दे पर ना जाते हुए सिर्फ इसी विषय पर चर्चा करूँगा और वीडियो में हम जानेंगे के इसके उपाय क्या हो सकते है.  सबसे पहले समझिये के ऋण के कारक ग्रह मंगल देव होते है और कुंडली में छठा भाव ऋण का होता है जिसके स्वामी बुध देव और केतु  देव है जो मंगल से विपरीत स्वभाव के ग्रह माने जाते है.  कुंडली में मंगल देव का संबंध जब भी छठे भाव से बनेगा तो ऋण वापस आने में तकलीफ होगी ही होगी।  इसके दो कारण बनते है पहला कारण ये है के  मंगल के शत्रु बुध यानी बिज़नेस और केतु जो गड्ढे का कारक होता है तो ऐसे लोग जिनकी कुंडली में मंगल का संबंध छठे भाव से है तो जब ये ऋण देते है तो लेने वाले के बुध और

crystal class 8/50 smoky quartz

  स्मोकी क्वार्ट्ज सबसे कुशल ग्राउंडिंग और एंकरिंग स्टोन में से एक है और साथ ही ध्यान के दौरान कंपन को बढ़ाता है। इस सुरक्षात्मक पत्थर का पृथ्वी और आधार चक्रों के साथ एक मजबूत संबंध है*, पर्यावरण और पारिस्थितिक समाधान के लिए एक चिंता को बढ़ावा देता है। यह पत्थर तनाव के लिए एक शानदार मारक है। यह समभाव के साथ कठिन समय को सहन करने में सहायता करता है, संकल्प को मजबूत करता है। ग्राउंडिंग आध्यात्मिक ऊर्जा और धीरे-धीरे नकारात्मक स्पंदनों को बेअसर करना, स्मोकी क्वार्ट्ज़ जियोपैथिक तनाव को रोकता है*, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्मॉग* को अवशोषित करता है, और सभी स्तरों पर उन्मूलन और विषहरण में सहायता करता है। यह अंतरिक्ष को भरने के लिए सकारात्मक कंपन लाता है। स्मोकी क्वार्ट्ज़ आपको सिखाता है कि ऐसी किसी भी चीज़ को पीछे कैसे छोड़ना है जो अब आपके काम नहीं आती। अशांत पृथ्वी ऊर्जा के क्षेत्र में पैरों के नीचे पृथ्वी चक्र और इसकी ग्राउंडिंग कॉर्ड की रक्षा के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। मनोवैज्ञानिक रूप से, स्मोकी क्वार्ट्ज डर से राहत देता है, अवसाद को दूर करता है और भावनात्मक शांति लाता है। यह अवतार में ह

crystal class 7/50 - moon stone

मून स्टोन का आयुर्वेदिक नाम है चंद्रकांत मणि.  मूनस्टोन "नई शुरुआत का पत्थर" है। जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, यह चंद्रमा और अंतर्ज्ञान से दृढ़ता से जुड़ा हुआ है। इस पत्थर में चन्द्रमा की परिवर्तन के गुण है जैसे चन्द्रमा बढ़ता है फिर घटता है लेकिन रुकता नहीं ऐसे ही हमारी भावनाये होती है लेकिन ये रुक जाए तो परेशानी देती है इसे बाद एंग्जायटी या डिप्रेशन बोल देते है. मून स्टोन का प्रभाव इन्ही ब्लॉकेज को खोलने के लिए होता है.  ये स्टोन हमारे सोये हुए दिमाग यानी सबकॉन्सियस माइंड को जगाता है. आंतरिक ज्ञान और प्यार को हमारे अंदर आने देता है. पूर्णिमा के आसपास इसका प्रभाव सबसे ज्यादा देखने में आता है. सुखद ख्वाब देखना भूल चुके हो तो ये स्टोन बहुत फायदेमंद है.  मूनस्टोन पारंपरिक रूप से मानसिक क्षमताओं को बढ़ाने और  विकसित करने के लिए इस्तेमाल किया गया है। यह आपके आध्यत्मिक उपहारों की स्वीकृति को प्रोत्साहित करने के लिए एक पेंडंट या ब्रेसलेट के रूप में पहना जा सकता है। कभी कभी हम बहुत ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया करने वाले हो जाते है, छोटी छोटी बाते भी हमारे मन को लग जाती है. ऐसे में म

बृहस्पति के दूसरे भाव में फल - jupiter effects in second house astrology

 नमस्कार दोस्तों, आज हम चर्चा करते है कुंडली के दूसरे भाव में यदि बृहस्पति विराजमान हो तो क्या फल जातक को देखने को मिलते है.  लाल किताब दूसरे भाव के बृहस्पति को गाय का स्थान, मेहमान नवाज़ी, पूजा स्थान, धन माया, चने की दाल बताती है.  यंहा बृहस्पति अच्छे फल देने वाला माना जाता है, कुछ हद तक व्यक्ति का संबंध खाने पीने के काम से हो सकता है या व्यक्ति को अच्छे अच्छे पकवान खाने का शौक भी हो सकता है. जंहा दूसरा भाव वृषभ राशि से संबंधित होता है वृषभ एक बैल होता है तो इस तरह इसे बैल पर बैठा साधू माना जाएगा लाल किताब की भाषा में शिवजी बैल पर बैठे हुए. लड़की की कुंडली में दूसरा बृहस्पति ससुराल का भी बन जाता है. दूसरा घर राहु और केतु की बैठक माना जाता है माथे की दोनो भोंहे जंहा मिले वो स्थान दुनियावी और रूहानी दोनों का मिलन होता है इसलिए राहु केतु की बैठक बोला जाता है तो कभी राहु बलि कभी केतु बलि यानी बृहस्पति अब ऐश और अध्यात्म एक साथ लेगा या ये भी माना जा सकता है के सारे ऐब पुरे करने के बाद सारी दुनिया देखने के बाद धर्म के मार्ग पर आ जाएगा। लेकिन किसी भी स्थिति में इसके ख्याल बुरे नहीं होंगे।  कुंड

ज्योतिष में शुक्र ग्रह का महत्व - venus in astrology

  शुक्र ग्रह एक ऐसे दैत्य गुरु जो जीवन में सब कुछ दे सकते है जो एक इंसान चाहता है पैसा, परिवार, लक्ज़री, विदेश और सब कुछ ले भी सकते है, और हमेशा राहु क्यों चलता है इनके साथ कैसे राहु शुभ शुक्र या अशुभ शुक्र बनाने में सक्षम है आइये जानते है शुक्र ग्रह बुध के बाद सूर्य के सबसे निकट का ग्रह है, शुक्र का एक मतलब वीर्य भी होता है अथर्ववेद में वीर्य को वज्र कह कर पुकारा जाता है यानी सबसे मजबूत चीज़ दुनिया की. योग शास्त्र कहते है के वीर्य यानी शुक्र आंतरिक रूप से शरीर को मजबूत करता है और दिमाग की कोशिका जिसे  नुएरोन कहते है उसका निर्माण भी करता है. इसलिए योग शास्त्र में ब्रह्मचर्य बहुत जरूरी माना  जाता है. अब दिमाग हो गया बुध और शुक्र हुए शुक्राणु यानी किसी व्यक्ति का यदि बुद्धि और उसका निर्माण करने वाले सेल यानी शुक्र एक साथ है तो व्यक्ति की आत्मशक्ति बहुत ही बढ़ जाती है यानी सूर्य ग्रह मजबूत होता है इसे लाल किताब मसनुई बताया गया बुध और शुक्र की युति सूर्य का निर्माण करती है यानी बुध और शुक्र को किसी तरह मिलाया जाए तो सूर्य के शुभ फल मिल सकते है.  शुक्र प्यार को दर्शाता है, पैसे को दर्शाता है,

advance Vastu lecture - 1 - बेड और कंघी से जुड़े वास्तु शास्त्र के रहस्य जो कोई नहीं बताएगा

आज हम बात करते वास्तु शास्त्र में बेड की स्थिति कैसे देखि जाती है. देखिये बैडरूम की दिशा के बारे में आपने पढ़ा होगा लेकिन बेड किस तरह का हो उसके लिए वास्तु का ग्रंथ समरांगण सूत्रधार बताता है. इसमें हम 3 मुख्य चीज़ो के बारे में जानेंगे बेड, चप्पल और कंघी। 

लगन कुंडली में शुक्र वक्री के परिणाम - effects of Venus retrograde in birth chart

नमस्कार दोस्तों आज हम बात करते है के यदि कुंडली में शुक्र वक्री अवस्था में है तो क्या परिणाम जातक प्राप्त कर सकता है. शुक्र के आप कारक तत्व जानते ही है इनमे से कुछ मै आपको बता देता हूँ 

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