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श्वेतार्क की जड़ - ज्योतिष तंत्र आयुर्वेद सबको चाहिए

 

Shwetark ganpati root




सफ़ेद आकड़ा जिसे श्वेतार्क भी बोला जाता है. ये एक पौधा है जिसमे आयुर्वेदिक गुण बहुत मात्रा में छुपे हुए है जिसकी वजह से ये पौधा हमेशा से हर तरह के आचार्य चाहे आयुर्वेद हो या ज्योतिष या तंत्र से जुड़े या रसायन शास्त्र से जुड़े लोग हो सबके लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है. 



 आकड़े को हम शिवजी की वजह से ज्यादा जानते है क्यूंकि उन्हें इसके फूल अर्पित किये जाते है. ज्योतिष में हर वो पेड़, पौधा, जड़ी काम की होती है जिसमे औषधि वाले गुण होते है इसका कारण है आज के समय में ज्योतिष उपाय पर आधारित ज्ञान हो गया गणना पर नहीं. 


पुराने रसायन शास्त्र के ग्रन्थ बताते है के श्वेतार्क का उपयोग स्वर्ण निर्माण में किया जाता था. अलकेमिस्ट जानते है इसका उपयोग कैसे करना है आयुर्वेद में भी बहुत जगह इसकी दवा, चूर्ण बनाने और इसके फायदे के बारे में बताया गया है. 


तंत्र में स्तम्भन क्रिया में इसका उपयोग बताया गया है. ज्योतिष की अगर बात करे तो इसकी हर्बल क्वालिटी की वजह से इसे सूर्य से जोड़ा गया है. घर के बाहर इसे लगाने से बीमारियां दूर रहती है. अब सीधा सीधा हिसाब है के सफ़ेद आकड़ा जंगली पौधा है जिसमे हर्बल गुण शरीर से और घर से बीमारी को दूर रखता है, बीमारी दूर रहेगी तो आत्मा ताकतवर होगी जिससे मानसिक दुर्बलता भी दूर रहती है. इसलिए तंत्र क्रिया ऊपरी बाधाएं दूर रहती है. 


भविष्य पुराण जैसे ग्रंथ में इसे सूर्य की संज्ञा दी गयी है सूर्य आत्मा से जुड़ा है इसलिए आत्मिक रूप से ताकतवर शक्ति प्राप्ति के लिए लगभग हर शाखा इसकी वैल्यू मानती है. 


हमेशा एक बात ध्यान रखे किसी वृक्ष की जड़ में वो सब गुण होते है जो उस वृक्ष में समाय है. जैसे इंसान का वीर्य होता है ठीक उसी तरह. अब जड़ का उपयोग करना आसान है पूरा पेड़ लगाने के बजाये. इसकी जड़ एक अजीब आकृति लिए होती है लगभग गणेश जी की सूंड जैसी जिसकी वजह से इसे श्वेतार्क गणपति कहकर सम्बोधित किया जाता है. इस जड़ को घर के बाहर लगाया जाता है जिससे इसका पूरा फल मिल सके।  वैसे इसका उपयोग दवा बनाने या शरीर पर ताबीज़ बनाकर बांधने के लिए भी होता है लेकिन इसका प्रोसेस मेरे को मालूम नहीं तो गलत बता कर क्या फायदा. 


हालाँकि मार्किट में आसानी से मिल जाती है लेकिन एक बार एक महंत जी ने मुझे इसके महत्व के बारे बताया था. हर बार की तरह मेरे यहाँ संत महत्माओ का आना जाना लगा रहता है एक बार हनुमान मंदिर के महंत जी बस चाय पर मिलने आये तो उन्होंने इसका एक गुण बताया के असली सफ़ेद आकड़े की जड़ को पारा खराब नहीं कर सकता और यही इसकी पहचान है और शरीर से यदि टच है शरीर किसी दूसरी शक्ति के नियंत्रण में नहीं आएगा। मेरे पास जड़ी थी तो मैंने भेंट स्वरुप उन्हें दे भी दी. 

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